रॉलेट एक्ट या काला क़ानून 21 मार्च 1919 को इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल में पारित हुआ था। इसने सरकार को बिना मुकदमे और न्यायिक समीक्षा के किसी को भी दंडित करने का अधिकार दिया। गांधीजी ने बॉम्बे से रॉलेट सत्याग्रह शुरू किया और ब्रिटिश शासन को "शैतानी" कहा।
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