क्लोरीन ऑक्सीकरण प्रक्रिया द्वारा ब्लीचिंग करती है और इसके लिए नमी आवश्यक होती है। क्लोरीन पानी के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोक्लोरिक और हाइपोक्लोरस अम्ल बनाती है। हाइपोक्लोरस अम्ल अस्थिर होता है और आसानी से विघटित होकर नासेंट ऑक्सीजन उत्पन्न करता है।
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