जर्मनवॉच द्वारा जारी क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स (CRI) 2026 में भारत 9वें स्थान पर है, जो सबसे अधिक जलवायु आपदाओं से प्रभावित देशों में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार 1995 से 2024 के बीच भारत में लगभग 430 गंभीर मौसम घटनाएँ हुईं, जिनमें 80,000 से अधिक लोगों की मौत, 1.3 अरब लोग प्रभावित और $170 अरब का नुकसान हुआ। भारत लगातार जलवायु जोखिमों का सामना कर रहा है।
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