क्रांतिकारी पुस्तक "देशेर कथा" के लेखक थे। यह पुस्तक 1904 में बंगाली में प्रकाशित हुई थी। 1910 में इसका अनुवाद "देश की बात" नाम से किया गया।
शाखा गणेश देउस्कर क्रांतिकारी लेखक, इतिहासकार और पत्रकार थे। उनका मूल स्थान महाराष्ट्र था, लेकिन उनका जन्म और पालन-पोषण बंगाल में हुआ। उनकी प्रेरणा का स्रोत महाराष्ट्र था, लेकिन उन्होंने अपनी पुस्तकें बंगाली में लिखीं। इस पुस्तक पर ब्रिटिश सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था।
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