जर्मनी ने "सशक्तिकरण अधिनियम 1933" पारित किया, जिससे तानाशाही को कानूनी स्वीकृति मिली। यह कानून जर्मन कैबिनेट, विशेष रूप से चांसलर, को संसद की भागीदारी के बिना कानून बनाने और वाइमर संविधान के मूल प्रावधानों को निष्प्रभावी करने का अधिकार देता था। इस अधिनियम से हिटलर को पूर्ण अधिकार मिल गए। यह "राइखस्टाग फायर डिक्री" के तुरंत बाद आया, जिसने अधिकांश नागरिक स्वतंत्रताओं को समाप्त कर राज्य की शक्तियां राइख सरकार को सौंप दीं। इन दोनों कानूनों ने मिलकर हिटलर की सरकार को कानूनी तानाशाही में बदल दिया।
This Question is Also Available in:
Englishಕನ್ನಡ