मोहम्मद गौरी का साम्राज्य अफगानिस्तान, बांग्लादेश, ईरान, भारत, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के कुछ हिस्सों तक फैला था। 1192 में तराइन के दूसरे युद्ध में उनकी जीत ने उत्तरी भारत में मुस्लिम शासन की नींव रखी और दिल्ली सल्तनत की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उनके सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली सल्तनत के पहले वंश गुलाम वंश की स्थापना की। गौरी की रणनीतियों ने मध्यकालीन दक्षिण एशिया की राजनीतिक संरचना को आकार दिया।
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