केरल भारत का पहला राज्य है जिसने अनुसंधान, विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु समग्र ग्राफीन नीति को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य को ग्राफीन प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बनाना है। ग्राफीन (Graphene) कार्बन परमाणुओं की एक पतली, द्वि-आयामी (2D) परत है, जो षट्कोणीय (hexagonal) मधुकोश संरचना में व्यवस्थित होती है। यह केवल एक परमाणु जितनी मोटी होती है, फिर भी स्टील से 200 गुना मजबूत, बेहद लचीली, पारदर्शी और तांबे से बेहतर विद्युत की सुचालक है। इसे 2004 में खोजा गया, यह 'वंडर मटेरियल' है
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