FDI पूंजी, तकनीक और प्रबंधन लाता है जबकि FII केवल पूंजी लाता है
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) दीर्घकालिक निवेश होता है, जो किसी देश में पूंजी, तकनीक और प्रबंधन विशेषज्ञता लाता है। इसके विपरीत, विदेशी संस्थागत निवेश (FII) मुख्य रूप से वित्तीय बाजारों जैसे शेयर और बॉन्ड में अल्पकालिक पूंजी निवेश करता है, जिसमें व्यवसायों पर प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं होता। FDI आमतौर पर अधिक स्थिर और कम अस्थिर होता है, जबकि FII तेजी से बाजार से बाहर निकल सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। FDI विशेष क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित होता है, जबकि FII विभिन्न बाजार खंडों में निवेश कर सकता है।
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