पारंपरिक 'हिंगोट युद्ध उत्सव' हर साल मध्य प्रदेश के गौतमपुरा में मनाया जाता है। यह दीपावली के अगले दिन 'धोक पड़वा' पर आयोजित होता है, जो 17वीं-18वीं सदी के मुगल-मराठा संघर्षों की याद में मनाया जाता है। यह उत्सव गुर्जर समुदाय की वीरता की परंपरा से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय फल हिंगोट में बारूद भरकर रॉकेट की तरह फेंका जाता है।
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