भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय ने उर्टन और धीरौली कोयला खदानों में कोयला उत्पादन प्रारंभ किया है। अनूपपुर जिले में स्थित उर्टन कोयला खदान में 15 मई 2026 से उत्पादन शुरू हुआ, जिसका आवंटन JMS Mining Private Limited को किया गया। उर्टन, वाणिज्यिक कोयला नीलामी व्यवस्था के अंतर्गत उत्पादन प्रारंभ करने वाली भारत की पहली भूमिगत कोयला खदान बन गई है। वहीं, सिंगरौली जिले में स्थित धीरौली कोयला खदान में 17 मई 2026 से उत्पादन शुरू हुआ, जिसका आवंटन Mahan Energen Limited को किया गया। इस पहल का उद्देश्य घरेलू कोयले की उपलब्धता बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अंतर्गत आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
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