आर्कटिक ग्लेशियरों का पिघलना
गल्फ स्ट्रीम की संभावित मंदी का सबसे बड़ा कारण आर्कटिक ग्लेशियरों का पिघलना है। जब ग्लेशियर पिघलते हैं तो वे उत्तरी अटलांटिक में मीठा पानी छोड़ते हैं, जिससे गल्फ स्ट्रीम को संचालित करने वाली लवणता और घनत्व आधारित धाराएं बाधित होती हैं। यह जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्या है और शोध बताते हैं कि 20वीं सदी के मध्य से गल्फ स्ट्रीम लगभग 15% कमजोर हो गई है। इसकी गति धीमी होने से पश्चिमी यूरोप में सर्दियां अधिक कठोर हो सकती हैं और मौसम के पैटर्न में बदलाव आ सकता है।
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