रामचंद्र पंत अमात्य
1689 से 1708 ईस्वी के बीच राजाराम के शासनकाल में रामचंद्र पंत अमात्य पेशवा थे। 1689 ईस्वी में जब राजाराम को गिंजी किले की ओर भागना पड़ा, तो जाने से पहले उन्होंने रामचंद्र पंत अमात्य को हुकूमत पन्हा सौंप दी।
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