भारत में म्यूचुअल फंड का विनियमन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा किया जाता है। 1992 में स्थापित SEBI का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और प्रतिभूति बाजार के विकास को बढ़ावा देना है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुख्य रूप से बैंकिंग और मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है, न कि म्यूचुअल फंड को। SEBI म्यूचुअल फंड संचालन के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करता है जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
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