मुगल वास्तुकला भारतीय, इस्लामी और फारसी शैलियों का मिश्रण है। यह एक विशिष्ट शैली है जिसे मुगलों ने 16वीं से 18वीं शताब्दी के बीच भारत में विकसित किया। इसका सर्वोच्च उदाहरण ताजमहल है। मुगल वास्तुकला का विकास एक क्रमिक प्रक्रिया थी। शाहजहाँ का काल इसे स्वर्ण युग माना जाता है।
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