झारखंड की मुंडा जनजाति अपनी भाषा मुंडारी को ‘होडो जागर’ कहती है। इसे उनकी स्वदेशी संज्ञा के रूप में उद्धृत किया जाता है, जिसका अर्थ ‘मानव भाषा’ या ‘मुंडा भाषा’ माना जाता है। मुंडारी एक ऑस्ट्रो-एशियाई (मुंडा) भाषा है, जिसे खूंटी, रांची और सिंहभूम जैसे जिलों में बड़ी संख्या में लोग बोलते हैं।
This Question is Also Available in:
English