मीरा बाई मेरता की राजपूत राजकुमारी और मेवाड़ के राणा सांगा की पुत्रवधू थीं। वे कृष्ण की अनन्य भक्त थीं और उनके भक्ति गीतों व कविताओं का संग्रह, जैसे "मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई" आदि, पदावली के नाम से जाना जाता है।
This Question is Also Available in:
Englishಕನ್ನಡ