मांझी शासन प्रणाली झारखंड की संथाल जनजाति से संबंधित है। मांझी ग्राम प्रधान के रूप में प्रशासनिक, न्यायिक तथा धार्मिक कार्यों का संचालन करता है। इस प्रणाली में गोदैत, परानिक, देशमांझी और परगनैत जैसे पद सम्मिलित होते हैं, जो एक संगठित पदानुक्रम बनाते हैं। यह व्यवस्था पारंपरिक पंचायत प्रणाली के समानांतर संचालित होती रही है, यद्यपि वर्तमान में इसकी अधिकारिता सीमित हो गई है। खड़िया, बिरहोर और बिरजिया जनजातियों की शासन-व्यवस्थाएँ भिन्न हैं।
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