भारतीय लाख अनुसंधान केंद्र, जिसे अब भारतीय प्राकृतिक रेजिन एवं गोंद संस्थान (Indian Institute of Natural Resins and Gums) के नाम से जाना जाता है, की स्थापना 20 सितंबर 1924 को नामकुम, रांची (झारखंड) में हुई थी। इसकी स्थापना 1920 की लिंडसे–हार्लो समिति की सिफारिशों तथा भारतीय लाख संघ के गठन के बाद की गई। यह केंद्र लाख अनुसंधान, प्रसंस्करण और विकास के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन कार्यरत रहा। वर्ष 2007 में इसका नाम बदलकर IINRG कर दिया गया। कुछ स्रोत स्थापना वर्ष 1925 के आसपास बताते हैं, किंतु प्राथमिक अभिलेख 1924 को स्थापना वर्ष के रूप में पुष्टि करते हैं।
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