Q. बाबर की आत्मकथा का फारसी में अनुवाद किसने किया था?
Answer: अब्दुर रहीम
Notes: अकबर के शासनकाल में मुगल दरबारी अब्दुर रहीम खान-ए-खाना ने तुजुक-ए-बाबरी का पूरा अनुवाद फारसी में किया और इसे बाबरनामा नाम दिया। तुजुक-ए-बाबरी या बाबरनामा बाबर की आत्मकथा थी, जो भारत में मुगल साम्राज्य के संस्थापक थे। यह तुर्की भाषा में लिखी गई थी, जिसमें उन्होंने भारत और अपने साम्राज्य का उत्कृष्ट वर्णन किया है।
Question Source: 📚यह प्रश्न GKToday के "40000+ सामान्य ज्ञान / सामान्य अध्ययन प्रश्नोत्तरी- एसएससी और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए" ऐप एक्सक्लूसिव कोर्स से लिया गया है, जो GKToday एंड्रॉइड एप्लिकेशन में उपलब्ध है। इस कोर्स में भारत की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए 40,000 से अधिक सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के प्रश्नों संकलन अध्यायवार रूप से दिया गया है। Download the app here.

This Question is Also Available in:

Englishಕನ್ನಡ