बहमनी साम्राज्य (1347-1527 ई.) का प्रशासन चार प्रांतों (तरफ) में विभाजित था: गुलबर्गा, दौलताबाद, बीदर और बेरार। प्रत्येक प्रांत का नेतृत्व एक तरफदार करता था। साम्राज्य में जटिल राजस्व प्रणाली थी और इसमें फारसी संस्कृति को बढ़ावा दिया गया। यह फारसी, तुर्की और भारतीय प्रभावों का मिश्रण था, जो गोल गुम्बज जैसी वास्तुकला में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यह बाद के दक्कनी सल्तनतों की नींव रखने में भी सहायक रहा।
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