पानी और अल्कोहल के मिश्रण को आसवन प्रक्रिया से अलग किया जाता है क्योंकि उनके क्वथनांक में 25°C से अधिक का अंतर होता है। 78°C पर अल्कोहल वाष्पित होने लगता है। ये वाष्प संघनक में ठंडे होकर रिसीवर में एकत्रित हो जाते हैं, जिससे फ्लास्क में पानी बचा रहता है।
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