रेयॉन पहला मानव निर्मित रेशा है, जिसे "कृत्रिम रेशम" भी कहा जाता है। इसे 19वीं शताब्दी के अंत में प्राकृतिक रेशम के विकल्प के रूप में विकसित किया गया था। यह लकड़ी के गूदे से बना अर्ध-संश्लेषित रेशा है, जिसकी बनावट रेशम जैसी होती है और यह चमकदार दिखता है। नायलॉन पहला पूरी तरह से सिंथेटिक रेशा है, जो कोयला, पानी और हवा से बनाया जाता है। यह मजबूत, लचीला और धोने में आसान होता है। नायलॉन का उपयोग मोजे, रस्सियां, टेंट आदि बनाने में किया जाता है।
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