अब्दुल क़ुद्दूस गंगोह़ी एक सूफ़ी लेखक थे जिन्होंने कुल 18 रचनाएँ लिखीं जिनमें से 10 अब भी उपलब्ध हैं। उनकी रचना 'रुश्द नामा' में योग दर्शन और नाथ योगियों की साधना के प्रति उनकी रुचि स्पष्ट होती है। उन्होंने हिंदू साधकों से संवाद किया जिससे उनकी समन्वयवादी आध्यात्मिक दृष्टि झलकती है। उनका ध्यान श्वास नियंत्रण और ध्यान पर था जो सूफ़ी ज़िक्र से मेल खाता है और मध्यकालीन भारत की आध्यात्मिक परंपराओं की लचीलापन को दर्शाता है।
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