Q. धूमकुड़िया झारखंड की किस जनजाति की पारंपरिक संस्था है?
Answer: उरांव
Notes: धूमकुड़िया झारखंड की उरांव जनजाति की पारंपरिक युवा छात्रावास संस्था है। यह एक सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करती है, जहाँ अविवाहित युवक-युवतियाँ सामुदायिक जीवन, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यह प्रथा उरांव जनजाति को झारखंड की अन्य जनजातियों, जैसे संथाल, कोल और बैगा से विशिष्ट बनाती है। विभिन्न नृवंशीय अध्ययनों में धूमकुड़िया का उरांव समुदाय से विशेष संबंध प्रमाणित किया गया है।

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