धुमकुरिया झारखंड की कुदुख (कुरुख) जनजाति की एक प्रमुख सामाजिक संस्था है। कुदुख, जिसे कुरुख भी कहा जाता है, झारखंड की प्रमुख जनजातियों में से एक है। धुमकुरिया युवाओं के छात्रावास के रूप में कार्य करता है, जहाँ उन्हें अनुशासन, सामाजिक आचरण और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह परंपरा हो, मुंडा और संथाल जैसी अन्य जनजातियों की व्यवस्थाओं से भिन्न है। धुमकुरिया सामुदायिक एकता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है, यद्यपि आधुनिक प्रभावों के कारण इसका स्वरूप परिवर्तित हो रहा है।
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