दिल्ली के महरौली स्थित कुतुब परिसर को दिल्ली सल्तनत की वास्तुकला की शुरुआत माना जाता है। इसमें कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद शामिल है जिसे 27 ध्वस्त मंदिरों की सामग्री से बनाया गया था। साथ ही इसमें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल कुतुब मीनार भी है। गुप्त काल का लौह स्तंभ उन्नत धातुकला का उदाहरण है। परिसर में अलाई दरवाज़ा और अधूरी अलाई मीनार भी हैं जिसे कुतुब मीनार से दोगुना ऊंचा बनाने की योजना थी। यह परिसर इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है।
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