केशिका क्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें द्रव संकीर्ण स्थानों में बिना किसी बाहरी बल की सहायता के या यहां तक कि गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध भी प्रवाहित हो सकता है। तौलिया से पोंछते समय यही क्रिया कार्य करती है।
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