इस अवधि में केवल मकबरों का निर्माण हुआ, लेकिन डबल गुंबद की अवधारणा स्थापित हुई। यह संरचना डबल गुंबद से मजबूत बनी, जिससे इमारत की आंतरिक ऊंचाई भी कम हुई। मध्यकालीन भारत में बंगाल स्कूल एक प्रांतीय स्थापत्य शैली थी। अन्य प्रांतीय स्थापत्य शैलियां थीं: जौनपुर स्कूल, मालवा स्कूल, बीजापुर स्कूल। उदाहरण के लिए, लोदी गार्डन, आगरा शहर आदि।
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