झारखंड में स्थित चिरिया लौह अयस्क खदान में भारत का सबसे बड़ा लौह अयस्क भंडार पाया जाता है, जिसका अनुमानित भंडार लगभग 2,000 मिलियन टन है। भंडार के आधार पर इसे एशिया की सबसे बड़ी लौह अयस्क खदानों में भी गिना जाता है। नोआमुंडी लौह अयस्क खदान का उत्पादन महत्वपूर्ण है, किंतु इसके भंडार चिरिया की तुलना में कम हैं। झरिया कोयला खनन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि जादुगोड़ा यूरेनियम खदान है, लौह अयस्क खदान नहीं।
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