Q. झारखंड के लोक संगीत में मंदार और ढोल के साथ किस वाद्ययंत्र का प्रयोग गौण रूप से किया जाता है?
Answer: धम्सा
Notes: धम्सा झारखंड के आदिवासी लोक संगीत में प्रयुक्त एक ताल वाद्य है, जिसका प्रयोग मंदार और ढोल के साथ गौण रूप से किया जाता है। संथाल, मुंडा और ओरांव समुदाय इसे त्योहारों तथा अनुष्ठानों के दौरान प्रस्तुतियों में सामान्यतः उपयोग करते हैं। मंदार और ढोल मुख्य वाद्य हैं, जबकि धम्सा लय और ताल को सुदृढ़ करने में सहायक भूमिका निभाता है। एकतारा तार वाद्य है, जबकि तुइला और ढाक अन्य वाद्य हैं, पर इस संदर्भ में गौण रूप से प्रयुक्त वाद्य के रूप में धम्सा का उल्लेख मिलता है।

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