शक्ति का विभाजन शासन की एक प्रणाली है, जिसमें राज्य को अलग-अलग शाखाओं में बांटा जाता है। प्रत्येक शाखा की अपनी स्वतंत्र शक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ होती हैं, ताकि एक शाखा की शक्ति दूसरी शाखा के साथ टकराव में न आए। आमतौर पर इसे तीन शाखाओं में विभाजित किया जाता है – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका। इसका उद्देश्य शक्ति के केंद्रीकरण को रोकना और संतुलन बनाए रखना है।
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