वह स्थान जहाँ सूफी संत रहते थे
खानकाह, जाविया या टेके वह भवन होते हैं जो विशेष रूप से सूफी संप्रदाय या तरीक़ा के लोगों के एकत्र होने के लिए बनाए जाते हैं। ये आत्मिक शांति और चरित्र सुधार के केंद्र होते हैं।
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