सिक्किम, महाराष्ट्र और तमिलनाडु
भारत ने एक अनोखा वैज्ञानिक अध्ययन शुरू किया है जो पक्षियों से मनुष्यों में फैलने वाली जूनोटिक बीमारियों का पता लगाने के लिए है। इस अध्ययन का नाम "बढ़ती पक्षी-मानव संपर्क स्थितियों में जूनोटिक स्पिलोवर का पता लगाने के लिए एक निगरानी मॉडल बनाना" है। यह वन हेल्थ दृष्टिकोण का पालन करेगा, जो मनुष्यों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य को जोड़ता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) इस पहल का नेतृत्व कर रही है। यह अध्ययन सिक्किम, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के चयनित पक्षी अभयारण्यों और आर्द्रभूमियों में किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में मानव और पक्षियों के स्वास्थ्य की निगरानी करना है जहां उनका संपर्क बढ़ रहा है।
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