जर्मनी का "कोलोन कैथेड्रल" यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। इसका निर्माण 1248 में शुरू हुआ था और यह कई चरणों में पूरा हुआ। 1880 में इसका निर्माण कार्य संपन्न हुआ। सात शताब्दियों तक इसके निर्माताओं ने एक जैसी आस्था और मूल योजनाओं के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ इसे बनाया। अपनी अद्वितीय कलात्मक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के अलावा, कोलोन कैथेड्रल यूरोपीय ईसाई धर्म की शक्ति और स्थायित्व का प्रतीक है। कोई अन्य कैथेड्रल इतनी पूर्णता से निर्मित नहीं हुआ, जहां हर भाग समान रूप से सटीक और उत्कृष्ट हो। यह एक उच्च गोथिक शैली की पाँच-नौका वाली बेसिलिका है, जिसमें एक उभरा हुआ ट्रांसेप्ट और ऊँचा मुखौटा है। पश्चिमी भाग, नौका और ट्रांसेप्ट का निर्माण 1330 में शुरू हुआ। शैली में बदलाव हुए, लेकिन संपूर्ण संरचना में यह स्पष्ट नहीं होता। 19वीं सदी के कार्यों में मध्ययुगीन रूपों और तकनीकों का पूरी तरह पालन किया गया, जिसे मूल मध्ययुगीन योजना से तुलना करके देखा जा सकता है।
This Question is Also Available in:
Englishಕನ್ನಡ