संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को 'अंतर्राष्ट्रीय चारागाह और पशुपालक वर्ष' घोषित किया है। चारागाह पृथ्वी की लगभग आधी भूमि पर फैले हैं, जिनमें घास के मैदान, सवाना, झाड़ी क्षेत्र, रेगिस्तान, आर्द्रभूमि और पर्वतीय क्षेत्र शामिल हैं। ये क्षेत्र जैव विविधता, कार्बन संग्रहण और जल संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करते हैं।
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