मधुबनी चित्रकला बिहार राज्य के मिथिला क्षेत्र में प्रचलित एक शैली है। इसके विषय मुख्य रूप से हिंदू देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित होते हैं, जिनमें राजदरबार और विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के दृश्य शामिल होते हैं। आमतौर पर चित्रों में कोई खाली स्थान नहीं छोड़ा जाता। खाली जगह को फूलों, जानवरों, पक्षियों और ज्यामितीय आकृतियों से भरा जाता है। इन चित्रों में कलाकार रंग बनाने के लिए पत्तियां, जड़ी-बूटियां और फूलों का उपयोग करते हैं। इस चित्रकला में मछली को शुभता और प्रजनन क्षमता का प्रतीक माना जाता है।
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