ए. के. झा
ए. के. झा ने यह प्रस्तावित किया कि खोरठा भाषा का संबंध भारत की प्राचीन खरोष्ठी लिपि से है। खरोष्ठी लिपि का विकास गांधार क्षेत्र में लगभग 5वीं से 3वीं शताब्दी ईसा पूर्व के बीच हुआ था और इसका उपयोग मुख्यतः गांधारी प्राकृत के लेखन में किया जाता था। झा के भाषावैज्ञानिक अध्ययन में खोरठा के ध्वन्यात्मक विकास को खरोष्ठी लिपि के नाम और विशेषताओं से जोड़ते हुए व्युत्पत्तिगत संबंध स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
This Question is Also Available in:
English