अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत कागज रहित और कतार रहित बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) पंजीकरण के लिए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग भारत सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा घोषित की गई थी। एम्स भोपाल ने 'स्कैन और शेयर' सेवा का उपयोग करके 1.45 मिलियन से अधिक ओपीडी टोकन उत्पन्न किए। एम्स नई दिल्ली इस रैंकिंग में पहले स्थान पर है। 'स्कैन और शेयर' प्रणाली मरीजों को अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत ओपीडी टोकन प्राप्त करने की सुविधा देती है।
This Question is Also Available in:
Englishಕನ್ನಡमराठी