कर दरों का निर्धारण
अकबर ने एक सुव्यवस्थित भूमि राजस्व प्रणाली स्थापित की। उन्होंने शेरशाह की नीति को और अधिक सटीकता और सुधार के साथ अपनाया और इसे अपने साम्राज्य के विभिन्न सूबों में लागू किया। हालांकि, यह सुधार एकदम से नहीं हुआ।
राजा टोडर मल अकबर के वित्त मंत्री थे। उन्होंने ज़ब्त नामक नई राजस्व प्रणाली और दशाला नामक कर प्रणाली शुरू की। उन्होंने 1570 से 1580 तक 10 वर्षों की अवधि में फसल उत्पादन और कीमतों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। इसी आधार पर प्रत्येक फसल पर नकद कर निर्धारित किया गया।
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