रैयत भूमि का आदान-प्रदान
संथाल परगना किरायेदारी अधिनियम, 1949 की धारा 23 दो जमाबंदी रैयतों के बीच सुविधा की दृष्टि से रैयती भूमि के आदान-प्रदान की अनुमति देती है। जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा हेतु धारा 20 के अंतर्गत भूमि हस्तांतरण सामान्यतः प्रतिबंधित है। धारा 20(5) उप-समाहर्ता को धोखाधड़ीपूर्वक हस्तांतरित भूमि के मामलों में बेदखली कर अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को भूमि पुनः दिलाने का अधिकार प्रदान करती है। यह अधिनियम संथाल परगना क्षेत्र में जनजातीय भूमि अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से अधिनियमित किया गया था।
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