Q. निम्नलिखित में से कौन जैन धर्म के "त्रि रत्न" से संबंधित नहीं है?
Answer:
सही दर्शय
Notes: जैन धर्म में तीन रत्नों (जिन्हें रत्नत्रय भी कहा जाता है) को सम्यग्दर्शन ("सही विश्वास"), सम्यग्ज्ञान ("सही ज्ञान"), और सम्यक्चरित्र ("सही आचरण") के रूप में समझा जाता है। तीनों में से एक का अस्तित्व दूसरों से अलग नहीं हो सकता, और सभी आध्यात्मिक मुक्ति के लिए आवश्यक हैं।