मोहम्मद अली जिन्ना
अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती वर्षों में मोहम्मद अली जिन्ना ने हिंदू-मुस्लिम एकता का समर्थन किया था। गोपाल कृष्ण गोखले ने कहा था कि जिन्ना में सच्चा गुण है और उनमें सभी सांप्रदायिक पूर्वाग्रहों से मुक्त होने की क्षमता है, जो उन्हें हिंदू-मुस्लिम एकता का सर्वश्रेष्ठ राजदूत बनाती है।
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