भारत ने घासभूमियों और अन्य खुली प्राकृतिक पारिस्थितिकियों (Open Natural Ecosystems) पर अपनी पहली विस्तृत गाइड 17 अगस्त 2026 को मंगोलिया के उलानबटार में आयोजित यूएनसीसीडी के COP17...
गुजरात के कच्छ स्थित बन्नी घासभूमि में अगस्त 2026 में 20 काले हिरणों को छोड़ा गया। यह कदम ट्रांसलोकेशन और रीवाइल्डिंग अभ्यास का हिस्सा है, जिसके तहत 15...
ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ से जुड़ी ताजा रिपोर्ट ने समुद्री संरक्षण के लिहाज से राहत की खबर दी है। ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन साइंस (AIMS) की 2025/26...
हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती वनाग्नि की समस्या को नियंत्रित करने के लिए संसदीय स्थायी समिति ने पाइन नीडल यानी सूखी चीड़ पत्तियों के उपयोग पर एक राष्ट्रीय नीति...
झांसी की 140 साल पुरानी परिछा वीयर को अंतरराष्ट्रीय सिंचाई एवं जल निकासी आयोग (ICID) ने विश्व विरासत सिंचाई संरचना (WHIS) का दर्जा दिया है। यह मान्यता 13...
देश की जैव विविधता से जुड़े संसाधनों के उपयोग से मिलने वाले लाभ का एक बड़ा हिस्सा अब राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक पहुंचेगा। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण...
केरल ने राज्य वन्यजीव बोर्ड में पहली बार दो आदिवासी प्रतिनिधियों को शामिल कर वन संरक्षण और प्रशासन में समुदाय-आधारित भागीदारी की दिशा में एक अहम कदम उठाया...
गुजरात वन विभाग ने 11 अगस्त 2026 को नलसरोवर पक्षी अभयारण्य के आसपास 2.94 करोड़ रुपये की प्लास्टिक कचरा प्रबंधन परियोजना शुरू की। यह पहल रामसर मान्यता प्राप्त...
तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी ने 10 अगस्त 2026 को एक बड़ी पर्यावरणीय उपलब्धि हासिल की। यह भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह बन गया है,...