इंडोनेशिया में पीट आग ने बढ़ाई चिंता, धुएं और सूखे से संकट गहराया
इंडोनेशिया में 2026 की पीट आगें एल नीनो, भीषण सूखे और पीटलैंड के बड़े पैमाने पर क्षरण के बीच तेज हो गई हैं। कालिमंतान और सुमात्रा के कई हिस्सों में फैलती इन आगों ने न सिर्फ पर्यावरणीय संकट बढ़ाया है, बल्कि वायु गुणवत्ता, जनस्वास्थ्य और कार्बन उत्सर्जन को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
पीट आग क्यों होती है इतनी खतरनाक
पीट आग सामान्य जंगल की आग से अलग होती है, क्योंकि यह सतह के नीचे कार्बन-समृद्ध, दलदली मिट्टी में जलती है। पीट भूमि में आंशिक रूप से सड़ा हुआ जैविक पदार्थ होता है, जो लंबे समय तक नमी बनाए रखता है। लेकिन जब मौसम बहुत शुष्क हो जाए, तो यह मिट्टी भीतर-भीतर सुलगती रहती है और कई दिनों या हफ्तों तक बुझाना मुश्किल हो जाता है।
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय पीटलैंड क्षेत्रों में से एक है। वैज्ञानिक आकलन के अनुसार, 4 से 6 मिलियन हेक्टेयर पीटलैंड के क्षरण ने आग के जोखिम को और बढ़ा दिया है। एल नीनो के कारण वर्षा पैटर्न बिगड़ने और तापमान बढ़ने से यह संकट और गहरा हुआ है।
सैटेलाइट निगरानी से सामने आई आग की तीव्रता
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के Aqua उपग्रह में लगे MODIS सेंसर सक्रिय आग, तापीय असामान्यताओं और धुएं के गुबार की पहचान करते हैं। 1 सितंबर 2026 को उपग्रह चित्रों में कालिमंतान के ऊपर घना धुआं दिखाई दिया और तापीय आंकड़ों से पता चला कि आग पेड़ों की छतरी के नीचे भी जल रही थी।
दक्षिण-पूर्व एशिया में आग की क्षेत्रीय निगरानी सिंगापुर स्थित ASEAN Specialized Meteorological Centre करता है। 2 सितंबर 2026 को इंडोनेशियाई बोर्नियो और सुमात्रा में सक्रिय हॉटस्पॉट 861 से बढ़कर 1,619 हो गए। यह वृद्धि बताती है कि आग का फैलाव तेजी से हो रहा था।
सरकारी कार्रवाई और स्वास्थ्य पर असर
इंडोनेशियाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जानबूझकर आग लगाने के संदेह में 72 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 19 कंपनियों की जांच शुरू की गई है, जिनके कृषि-रियायत क्षेत्रों में 11,000 हेक्टेयर से अधिक जली हुई भूमि दर्ज की गई। ऐसे मामलों में भूमि साफ करने के लिए आग लगाने की प्रवृत्ति अक्सर सामने आती है।
जांबी और पेकनबारू जैसे क्षेत्रों में घना धुआं और खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्थानीय प्रशासन को स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन करनी पड़ीं। पीट आग के धुएं में सूक्ष्म कण और विषैली गैसें होती हैं, जो सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पीट एक कार्बन-समृद्ध मिट्टी है, जो जलभराव वाली परिस्थितियों में आंशिक रूप से सड़े पौधों से बनती है।
- MODIS का पूरा नाम Moderate Resolution Imaging Spectroradiometer है।
- एल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से के असामान्य गर्म होने की घटना है, जो कई क्षेत्रों में वर्षा घटा सकती है।
- इंडोनेशिया के प्रमुख पीटलैंड क्षेत्र सुमात्रा, कालिमंतान और पापुआ में पाए जाते हैं।
नासा साइंस के अनुसार, 3 सितंबर 2026 तक इन आगों से 2015 के इंडोनेशियाई फायर सीजन के लगभग 10% ग्रीनहाउस गैस समकक्ष उत्सर्जन पहले ही निकल चुके थे। घने धुएं और वन-छतरी के कारण भूमिगत पीट आगों का पता लगाना भी कठिन होता है, इसलिए यह संकट पर्यावरणीय निगरानी और रोकथाम दोनों के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।