Q. सोवियत रूस में कृषि के सामूहीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
  1. समृद्ध किसान, जिन्हें 'कुलाक' कहा जाता था, इस अवधि के दौरान विशेष रूप से निशाने पर थे।
  2. कोलखोज सामूहिक खेत थे, जहाँ सभी किसानों को काम करने के लिए मजबूर किया गया था।
उपरोक्त में से कौन सा/से सही है/हैं?

Answer: दोनों 1 और 2
Notes: 1927-1928 तक सोवियत रूस के शहरों में अनाज आपूर्ति की गंभीर समस्या थी। सरकार ने अनाज की निश्चित कीमत तय की थी, लेकिन किसान इस कीमत पर इसे सरकारी खरीदारों को बेचने को तैयार नहीं थे। स्टालिन ने कड़े आपातकालीन कदम उठाए। उनका मानना था कि ग्रामीण इलाकों में समृद्ध किसान और व्यापारी अधिक कीमत की उम्मीद में अनाज जमा कर रहे थे। इस सट्टेबाजी को रोकना और आपूर्ति जब्त करना जरूरी था। 1928 में पार्टी के सदस्य अनाज उत्पादक क्षेत्रों में गए, जबरन अनाज संग्रह की निगरानी की और 'कुलाक' यानी समृद्ध किसानों पर छापे मारे। इसलिए कथन 1 सही है। जब कमी बनी रही, तो खेतों के सामूहीकरण का निर्णय लिया गया। 1917 के बाद भूमि किसानों को सौंप दी गई थी, लेकिन छोटे किसान खेतों का आधुनिकीकरण संभव नहीं था। आधुनिक खेती के लिए औद्योगिक तरीकों से मशीनरी के साथ बड़े राज्य-नियंत्रित खेतों की जरूरत थी। इसके परिणामस्वरूप सामूहीकरण कार्यक्रम शुरू हुआ। 1929 से पार्टी ने सभी किसानों को सामूहिक खेतों (कोलखोज) में खेती करने के लिए बाध्य किया। अधिकांश भूमि और उपकरण सामूहिक खेतों के स्वामित्व में स्थानांतरित कर दिए गए। किसान भूमि पर काम करते थे और कोलखोज का लाभ साझा किया जाता था। इसलिए कथन 2 भी सही है।
Question Source: 📚यह प्रश्न GKToday के "40000+ सामान्य ज्ञान / सामान्य अध्ययन प्रश्नोत्तरी- एसएससी और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए" ऐप एक्सक्लूसिव कोर्स से लिया गया है, जो GKToday एंड्रॉइड एप्लिकेशन में उपलब्ध है। इस कोर्स में भारत की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए 40,000 से अधिक सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के प्रश्नों संकलन अध्यायवार रूप से दिया गया है। Download the app here.

This Question is Also Available in:

Englishಕನ್ನಡ