चेक गणराज्य-स्लोवाकिया
9वीं सदी के अंत से 11वीं सदी की शुरुआत तक बोहेमिया डची (आज का चेक गणराज्य) ग्रेट मोरावियन साम्राज्य के अधीन था। 1198 में पवित्र रोमन साम्राज्य ने इसे अपने नियंत्रण में लेकर प्राग को राजधानी बनाते हुए बोहेमिया साम्राज्य की स्थापना की। 1526 में मोहैक्स के युद्ध के बाद यह पवित्र रोमन साम्राज्य के तहत हैब्सबर्ग राजशाही में शामिल हो गया। 1806 में पवित्र रोमन साम्राज्य के विघटन के बाद बोहेमियाई चेक ऑस्ट्रियाई साम्राज्य में मिल गया। 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के बाद ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य के पतन के साथ प्रथम चेकोस्लोवाक गणराज्य की स्थापना हुई। यह अंतरयुद्ध काल में मध्य यूरोप का एकमात्र लोकतंत्र था। 1938 से द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति तक नाजी जर्मनी ने चेकोस्लोवाकिया पर कब्जा कर लिया। युद्ध के बाद जर्मनों को निष्कासित कर दिया गया और सोवियत प्रभाव में चेकोस्लोवाकिया की कम्युनिस्ट पार्टी का गठन हुआ। 1948 में तख्तापलट कर एक-दलीय कम्युनिस्ट शासन स्थापित किया गया, जिसमें कई प्रतिबंध और असंतोष थे। इसके खिलाफ 1968 में "प्राग स्प्रिंग" नामक आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें विकेंद्रीकरण और लोकतंत्रीकरण सुधारों की मांग की गई। इससे सोवियत संघ नाराज हुआ और उसने चेकोस्लोवाकिया पर आक्रमण कर दिया। यह 1989 की "वेलवेट क्रांति" तक सोवियत नियंत्रण में रहा। यह क्रांति शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन थी,
This Question is Also Available in:
English