डाइसोडियम हाइड्रोजन फॉस्फेट
किसी अम्ल की क्षारकता वह संख्या होती है, जो यह दर्शाती है कि उसके एक अणु के जलीय विलयन में आयनीकरण से अधिकतम कितने हाइड्रोजन आयन (H+) उत्पन्न हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की क्षारकता 1 होती है क्योंकि HCl का एक अणु विलयन में 1 H+ आयन प्रदान करता है। इसी तरह, डाइसोडियम फॉस्फेट (Na2HPO4) की क्षारकता 1 होती है क्योंकि इसमें 1 विस्थापनीय H+ आयन होता है।
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