Q. निम्नलिखित में से किसने द्वैताद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया?
Answer: निंबार्क
Notes: १३वीं शताब्दी के आंध्र प्रदेश के संत आचार्य निंबार्क को द्वैताद्वैत (एकता में द्वैत) या भेदाभेद (अंतर में अनंतर) की वैष्णव धर्मशास्त्र परंपरा के प्रचारक के रूप में जाना जाता है। उनके अनुसार ब्रह्म, आत्मा और संसार एक ही होते हुए भी भिन्न हैं। विलय के बाद भी वे अलग बने रहते हैं। वे वैष्णव संप्रदाय की सनक परंपरा के प्रवर्तक थे। उनके प्रमुख ग्रंथों में वेदांत पारिजात सौरभ (ब्रह्मसूत्रों पर एक संक्षिप्त व्याख्या), दशश्लोकी, श्रीकृष्णस्तवराज और मध्वमुखवर्धन शामिल हैं।
Question Source: 📚यह प्रश्न GKToday के "40000+ सामान्य ज्ञान / सामान्य अध्ययन प्रश्नोत्तरी- एसएससी और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए" ऐप एक्सक्लूसिव कोर्स से लिया गया है, जो GKToday एंड्रॉइड एप्लिकेशन में उपलब्ध है। इस कोर्स में भारत की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए 40,000 से अधिक सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के प्रश्नों संकलन अध्यायवार रूप से दिया गया है। Download the app here.

This Question is Also Available in:

Englishಕನ್ನಡ