ऑनलाइन फॉर्म-6 में नया घोषणा पत्र जोड़ा गया: नए मतदाता पंजीकरण नियमों में बदलाव

ऑनलाइन फॉर्म-6 में नया घोषणा पत्र जोड़ा गया: नए मतदाता पंजीकरण नियमों में बदलाव

भारत निर्वाचन आयोग ने नए मतदाता पंजीकरण के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑनलाइन फॉर्म-6 (Form 6) में एक नया घोषणा पत्र शामिल किया है। यह बदलाव ईसीआईनेट (ECINET) पोर्टल पर लागू किया गया है, जिसके तहत आवेदकों को यह बताना होगा कि उनका नाम, या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी/नाना-नानी में से किसी का नाम पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं। यह कदम मतदाता सूची के सत्यापन और पारिवारिक आधार पर रिकॉर्ड के मिलान को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

फॉर्म-6 में क्या बदला है?

फॉर्म-6 भारत में पहली बार मतदाता बनने या किसी कारणवश नाम हट जाने के बाद पुनः मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित वैधानिक आवेदन पत्र है। यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत उपयोग किया जाता है। ऑनलाइन फॉर्म में नया घोषणा पत्र भाग J और भाग K के बीच जोड़ा गया है। इसमें आवेदक को तीन विकल्पों में से एक का चयन करना होता है—या तो उसका स्वयं का नाम पिछली एसआईआर में था, या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी/नाना-नानी का नाम दर्ज था, अथवा इनमें से किसी का भी नाम सूची में नहीं था।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर किया जाने वाला एक व्यापक सत्यापन अभियान है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना होता है। इस प्रक्रिया के दौरान दोहराए गए नाम, मृत मतदाता, स्थानांतरित मतदाता, लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता तथा विदेशी नागरिकों के नामों की पहचान कर आवश्यक संशोधन किए जाते हैं। यदि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य का नाम पिछली एसआईआर में दर्ज था, तो ऑनलाइन आवेदन में संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र या भाग संख्या तथा क्रम संख्या जैसी जानकारी भी देनी होती है। इससे पारिवारिक रिकॉर्ड का सत्यापन और मतदाता सूची का मिलान आसान हो जाता है।

किन राज्यों में लागू है यह व्यवस्था?

यह नया प्रावधान उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा हो चुका है या वर्तमान में चल रहा है। फिलहाल बिहार और असम को इससे बाहर रखा गया है। असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया पूरी होने तक विशेष गहन पुनरीक्षण को स्थगित रखा गया है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर नागरिकता से संबंधित एक अलग प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका मतदाता सूची संशोधन से सीधा संबंध नहीं है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है।
  • फॉर्म-6 भारत में मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए निर्धारित आधिकारिक आवेदन पत्र है।
  • मतदाता सूची का निर्माण और संशोधन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
  • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) मुख्य रूप से असम से संबंधित प्रक्रिया है और यह मतदाता सूची पुनरीक्षण से अलग प्रशासनिक व्यवस्था है।

ऑनलाइन फॉर्म-6 में जोड़ा गया नया घोषणा पत्र निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची सत्यापन अभियान को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पारिवारिक रिकॉर्ड के आधार पर मतदाता विवरण का मिलान आसान होगा तथा दोहराव, त्रुटियों और अपात्र नामों की पहचान कर मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।

Originally written on July 13, 2026 and last modified on July 13, 2026.

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