NASA-ISRO साझेदारी से चंद्र मिशन सहयोग को नई रफ्तार

NASA-ISRO साझेदारी से चंद्र मिशन सहयोग को नई रफ्तार

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को अपने Moon Base programme से जुड़ने का निमंत्रण दिया है। यह पहल Artemis Accords के तहत चंद्र अन्वेषण, वैज्ञानिक डेटा साझा करने और दीर्घकालिक अंतरिक्ष सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

आर्टेमिस समझौते के दायरे में बढ़ता सहयोग

NASA और ISRO के बीच यह चर्चा भारत के 21 जून 2023 को Artemis Accords पर हस्ताक्षर करने से जुड़ी है। ये समझौते गैर-बाध्यकारी सिद्धांतों का समूह हैं, जिनका उद्देश्य नागरिक अंतरिक्ष अन्वेषण को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सहयोगी बनाना है। इनमें पारस्परिक तकनीकी अनुकूलता, आपात सहायता, वैज्ञानिक डेटा का साझा उपयोग और अंतरिक्ष वस्तुओं के पंजीकरण जैसे विषय शामिल हैं।

Artemis ढांचे के तहत NASA चंद्रमा पर सतत मानव उपस्थिति की दिशा में काम कर रहा है। Moon Base programme इसी व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसमें Orion अंतरिक्ष यान, Space Launch System, Gateway चंद्र स्टेशन और भविष्य के मानव मिशन शामिल हैं।

बेंगलुरु बैठक में हुई औपचारिक चर्चा

यह औपचारिक निमंत्रण 5–6 अगस्त 2026 को बेंगलुरु स्थित ISRO मुख्यालय में हुई India-U.S. Civil Space Joint Working Group (CSJWG) की 9वीं बैठक में सामने आया। बैठक के उद्घाटन सत्र में ISRO अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन तथा भारत में अमेरिकी राजदूत H.E. Sergio Gor ने संबोधन दिया।

भारतीय पक्ष से UR Rao Satellite Centre के एम. संकरण, अमेरिकी पक्ष से डॉ. वेस्ली ब्रूक्स और NASA की Associate Administrator कैथलीन करिका ने वार्ता का सह-नेतृत्व किया। CSJWG भारत और अमेरिका के बीच नागरिक अंतरिक्ष सहयोग का औपचारिक मंच है, जिसके जरिए उपग्रह, अन्वेषण और वैज्ञानिक साझेदारी पर काम आगे बढ़ता है।

डेटा साझेदारी और NISAR के बाद नई दिशा

NASA और ISRO ने खुले वैज्ञानिक डेटा साझा करने पर भी चर्चा आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। यह सहयोग U.S.-India TRUST Initiative और फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त नेताओं के वक्तव्य से भी जुड़ा बताया गया है।

यह विस्तार जुलाई 2025 में लॉन्च हुए NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar (NISAR) मिशन के बाद आया है। NISAR पृथ्वी अवलोकन मिशन है, जो भूमि में होने वाले बदलाव, बर्फ की गतिशीलता और पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करता है। इससे दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान में भरोसा और तकनीकी तालमेल और मजबूत हुआ है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Artemis Accords की शुरुआत 2020 में अमेरिका ने नागरिक अंतरिक्ष सहयोग के लिए की थी।
  • भारत ने 21 जून 2023 को Artemis Accords पर हस्ताक्षर किए थे।
  • NISAR का पूरा नाम NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar है।
  • COPUOS संयुक्त राष्ट्र की वह समिति है, जो बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़ी है।

NASA का यह निमंत्रण भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता और चंद्र अन्वेषण में उसकी भूमिका को और मजबूत करता है। आने वाले समय में यह साझेदारी वैज्ञानिक डेटा, तकनीक और गहरे अंतरिक्ष मिशनों में दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा दे सकती है।

Originally written on August 11, 2026 and last modified on August 11, 2026.

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